मुंबई | रफ़्तार हिंदुस्तान की

राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) में भीतरखाने चल रही खींचतान अब खुले तौर पर सामने आ गई है। पार्टी की 2025 की स्टार प्रचारक सूची ने भीतरूनी राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि अजित पवार के सबसे भरोसेमंद नेताओं को इस बार सूची से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
2024 की सूची में प्रमुख स्थान पाने वाले—
छगन भुजबल, सुनेत्रा पवार, अविनाश आदिक, दिलीप वळसे, सलीम सारंग, चैतन्य (सनी) मानकर, नितीन पाटील, जलीलुद्दीन सय्यद और धीरज शर्मा—इन सभी के नाम नई सूची में नहीं दिखाई देते।ये सभी नेता अजित पवार के बेहद करीबी माने जाते हैं।
पार्टी सूत्रों का दावा
“सुनील तटकरों ने संगठन की कमान धीरे-धीरे अपने हाथ में खींच ली है। अजित पवार के प्रभाव को कमज़ोर करने के लिए यह कदम योजनाबद्ध तरीके से उठाया गया है।”
छगन भुजबल को बाहर रखे जाने के बाद पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में नाराज़गी बढ़ी है। एक पदाधिकारी का कहना है—
“यह सिर्फ सूची में बदलाव नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत है।”
विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव संगठनात्मक फेरबदल कम, और शक्ति-संतुलन बदलने की रणनीति अधिक है।“तटकरे ने अब राष्ट्रवादी के निर्णायक तंत्र पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है,” ऐसा उनका मत है।
तटकरे के प्रभाव की झलक
इस नई सूची की सबसे चर्चित बात यह है कि—
• तटकरों के परिवार के तीन सदस्य,
• तथा सिर्फ रायगढ़ ज़िले से उनके चार करीबी कार्यकर्ताओं को जगह मिली है। इनमें उनके विश्वासपात्र मुश्ताक अंतुले का नाम भी शामिल है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस की इस नई स्टार प्रचारक सूची ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। राज्यभर में एक ही सवाल चर्चा में है—“क्या तटकरे ने अजित पवार के करीबियों को किनारे कर पार्टी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है?”



