लातूर में महाविकास अघाड़ी की बैठक: 8 अक्टूबर को निलंगा में निकलेगा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महामोर्चा
लातूर:रफ़्तार हिंदुस्तान की

स्थानीय कांग्रेस भवन में महाविकास अघाड़ी (MVA) और ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों की एक अहम जिला स्तरीय बैठक हुई। बैठक के बाद आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति और किसानों की समस्याओं को लेकर 8 अक्टूबर को निलंगा में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महामोर्चा निकालने का ऐलान किया। यह मोर्चा छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से शुरू होकर उपविभागीय अधिकारी (SDO) कार्यालय तक जाएगा।
नेताओं ने कहा कि 2 से 8 अक्टूबर तक राज्यभर में चल रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत यह आंदोलन किया जा रहा है। इसमें कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), शेकाप, माकपा, सपा और स्वाभिमानी शेतकरी संगठन सहित कई दल शामिल होंगे। निलंगा के बाद जिले की अन्य तहसीलों में भी ऐसे मोर्चे निकाले जाएंगे।
प्रमुख आरोप और राजनीतिक मांगें
- मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: नेताओं का आरोप है कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के नाम पर महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ और लातूर जिले में 2 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम लिस्ट से काट दिए गए हैं।
- चुनाव आयोग पर कार्रवाई: मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई।
- बैलेट पेपर से चुनाव: लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने के लिए आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) पर कराने की मांग रखी गई।
सूखे और किसानों से जुड़े अहम मुद्दे
लातूर और मराठवाड़ा में सूखे के संकट को देखते हुए गठबंधन ने सरकार से निम्नलिखित राहत पैकेज की मांग की:
- सूखा पीड़ित किसानों को प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिले।
- खेत मजदूरों को कम से कम 25 हजार रुपये की सहायता दी जाए।
- मवेशियों के लिए तत्काल चारा छावनियां शुरू हों और चारे का प्रबंध किया जाए।
- मजदूरों का पलायन रोकने के लिए ‘मनरेगा’ के नियम आसान कर गांवों में तुरंत काम दिया जाए।
- बिना किसी शर्त के सभी किसानों को फसल बीमा का लाभ मिले और बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी राहत योजना में शामिल किया जाए।
नेताओं ने आम जनता, युवाओं और किसानों से अपील की है कि वे हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में 8 अक्टूबर को निलंगा में होने वाले इस मोर्चे में शामिल हों।









