- : सड़क हादसे में ‘हेल्मेट’ बना ढाल: 59 वर्षीय बुजुर्ग की बाल-बाल बची जान, लोगों से की जीवन बचाने की भावुक अपील
- लातूर: ‘हेल्मेट था, इसलिए बच गई जान’, हादसे के बाद बुजुर्ग की दुपहिया चालकों से मार्मिक अपील
लातूर:रफ़्तार हिंदुस्तान की

दुपहिया वाहन चलाते समय हेल्मेट पहनना कितना जरूरी है, इसका जीता-जागता उदाहरण हाडोलती-शिरूर राजमार्ग पर हुए एक सड़क हादसे में देखने को मिला। शुक्रवार (23 अक्टूबर) शाम करीब 6 बजे हुए इस हादसे में हेल्मेट की वजह से एक बुजुर्ग की जान बाल-बाल बच गई। हादसे के बाद पीड़ित ने लोगों से अपील की है कि वे कभी भी बिना हेल्मेट के दुपहिया वाहन न चलाएं।
क्या है मामला:
अहमदपुर तहसील के मेथी गांव के रहने वाले ऋषिकेश पांधरी नागणे (उम्र 59 वर्ष) अपनी पत्नी के साथ एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां से वापस लौटते समय हाडोलती-शिरूर हाईवे पर अचानक उनकी मोटरसाइकिल के सामने एक कुत्ता आ गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और दोनों सड़क पर गिर पड़े। इस हादसे में नागणे के पैर में चोट आई है, लेकिन उन्होंने हेल्मेट पहन रखा था, जिससे उनके सिर पर कोई चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) रायबोले तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल नागणे को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस और पीड़ित की अपील:
हादसे से उबरने के बाद ऋषिकेश नागणे और लातूर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेल्मेट जरूर पहनें।
- हेल्मेट को हैंडल पर न लटकाएं: अक्सर लोग पुलिस के चालान से बचने के लिए या केवल औपचारिकता के लिए हेल्मेट को हैंडल पर लटका लेते हैं या हाथ में पकड़ते हैं। हेल्मेट को सिर पर ठीक से पहनकर उसकी पट्टी (स्ट्रैप) जरूर बांधें।
- पीछे बैठने वाले भी पहनें: दुपहिया पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेल्मेट लगाना चाहिए, क्योंकि हादसा किसी के साथ भी हो सकता है।
- जीवन अमूल्य है: याद रखें, हेल्मेट जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान सुरक्षित रखने के लिए है। थोड़ी दूरी पर जाना हो, तब भी लापरवाही न बरतें।








