अल्पसंख्यकों के लिए 20 लाख तक कर्ज की मांग,सलीम सारंग ने सुनेत्रा पवार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगें

मुंबई, 2 सितंबर 2026। रफ़्तार हिंदुस्तान की

मौलाना आजाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल की योजनाओं को तेजी से लागू करने और अल्पसंख्यक समाज के विद्यार्थियों, युवाओं, छोटे कारोबारियों तथा जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए महामंडल के संचालक सलीम सारंग ने उपमुख्यमंत्री तथा अल्पसंख्यक विकास व औकाफ मंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। इस दौरान महामंडल के संचालक डॉ. असगर मुकादम और अल्ताफ पावेकर भी मौजूद थे।

 


सलीम सारंग ने महामंडल के कामकाज में आ रही परेशानियों, लंबे समय से लंबित प्रस्तावों और अल्पसंख्यक समाज की जरूरतों की जानकारी उपमुख्यमंत्री को दी। उन्होंने योजनाओं को जल्द से जल्द गति देने की मांग की।
शैक्षणिक कर्ज 20 लाख तक करने की मांग
वर्तमान में मौलाना आजाद शैक्षणिक कर्ज योजना के तहत अधिकतम 5 लाख रुपये तक कर्ज दिया जाता है। उच्च शिक्षा का खर्च बढ़ने के कारण यह राशि कम पड़ रही है। इसलिए कर्ज की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की मांग की गई।
सारंग ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव पिछले करीब डेढ़ से दो साल से अल्पसंख्यक विकास विभाग के पास लंबित है। उन्होंने प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की मांग की।
बंद व्यवसायिक कर्ज योजना फिर शुरू हो
सारंग ने कहा कि महामंडल के माध्यम से फिलहाल राज्य सरकार के फंड से कोई व्यवसायिक कर्ज योजना नहीं चल रही है। पहले ‘सीधा कर्ज योजना’ के नाम से यह योजना शुरू थी, लेकिन वर्ष 2014-15 में इसे बंद कर दिया गया।
उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के युवाओं, छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार शुरू करने वालों के लिए नई व्यवसायिक कर्ज योजना शुरू करने की मांग की। इस योजना में छोटे व्यवसाय के साथ-साथ व्यवसायिक वाहन खरीदने के लिए भी कर्ज उपलब्ध कराने की मांग की गई।
OTS योजना लागू करने की मांग
महामंडल से कर्ज लेने वाले कुछ लाभार्थी बकाया कर्ज की एकमुश्त राशि जमा करना चाहते हैं। इसके लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करने की मांग की गई है।
सारंग ने कहा कि OTS योजना से कर्जदारों को राहत मिलेगी और महामंडल की बकाया राशि की वसूली भी बढ़ सकती है। इस संबंध में प्रस्ताव विभाग को भेजा जा चुका है।
9 नवंबर 2024 के शासन निर्णय की योजनाएं शुरू हों
अल्पसंख्यक विकास विभाग ने 9 नवंबर 2024 को महामंडल की विभिन्न योजनाओं को लेकर शासन निर्णय जारी किया था। सारंग ने मांग की कि इस शासन निर्णय में शामिल सभी योजनाओं को जल्द शुरू करने की अनुमति दी जाए और उनके लिए जरूरी फंड उपलब्ध कराया जाए।
सलीम सारंग ने कहा कि महामंडल की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इनका सीधा लाभ विद्यार्थियों, युवाओं, उद्यमियों और जरूरतमंद अल्पसंख्यक नागरिकों तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए लंबित प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देकर महामंडल को आवश्यक निधि और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि “विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अधिक कर्ज की जरूरत है, जबकि युवाओं को व्यवसाय और स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद चाहिए। इसलिए सभी लंबित प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देकर महामंडल की योजनाओं के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई जाए।”

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