ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नया नियम
जाति वैधता प्रमाणपत्र नहीं देने पर सरपंच और सदस्य पद से होंगे अयोग्य

मुंबई।रफ़्तार हिंदुस्तान की
महाराष्ट्र सरकार ने ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति की आरक्षित सीटों से चुने गए जनप्रतिनिधियों के लिए जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई।
सरकार के फैसले के अनुसार, 9 फरवरी 2026 या उसके बाद, लेकिन अध्यादेश लागू होने से पहले हुए ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में आरक्षित सीटों से चुने गए सभी प्रतिनिधियों को चुनाव परिणाम घोषित होने की तारीख से 12 महीने के भीतर जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
यदि कोई जनप्रतिनिधि तय समय सीमा में प्रमाणपत्र जमा नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता रद्द मानी जाएगी। साथ ही वह सदस्य, सरपंच, जिला परिषद सदस्य, जिला परिषद अध्यक्ष या पंचायत समिति सभापति के पद पर बने रहने के योग्य नहीं रहेगा।
इस निर्णय को लागू करने के लिए महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1959 तथा महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति अधिनियम, 1961 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।









