मदरसे के बच्चों और इमामों के लिए बी.ए. उर्दू करने का मौका

बी.ए. उर्दू में प्रवेश शुरू, मदरसा छात्रों और इमामों को मिलेगा मौका

औरंगाबाद।रफ़्तार हिंदुस्तान की

यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी (YCMOU) में बी.ए. उर्दू के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इसके तहत मदरसों के छात्रों, मस्जिदों के इमाम और मुअज्जिनों के साथ उन लोगों को भी ग्रेजुएशन करने का अवसर मिलेगा, जो किसी कारण से नियमित कॉलेज में पढ़ाई नहीं कर सके।
दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपनी नौकरी, मदरसे या मस्जिद की जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई जारी रख सकते हैं। पढ़ाई के लिए रोजाना कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होगी।

 


प्रवेश के लिए 12वीं पास या इसके बराबर की योग्यता जरूरी है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयु सीमा नहीं होने की जानकारी दी गई है। YCMOU की डिग्री UGC-DEB से मान्यता प्राप्त है और सरकारी व निजी क्षेत्र में मान्य है।
मौलाना आज़ाद कॉलेज में अध्ययन केंद्र
बी.ए. उर्दू के लिए मौलाना आज़ाद कॉलेज, औरंगाबाद को अध्ययन केंद्र बनाया गया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मज़हर अहमद फारूकी हैं, जबकि केंद्र के कोऑर्डिनेटर डॉ. सोहेल ज़कीउद्दीन हैं।

डॉ. सोहेल ज़कीउद्दीन ने मदरसा छात्रों, इमामों और मुअज्जिनों से अपील की कि दीनी शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा भी हासिल करें और ग्रेजुएट बनकर समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ाएं।


इच्छुक विद्यार्थी प्रवेश और अधिक जानकारी के लिए 9270423786 पर संपर्क कर सकते हैं।

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