
यूनिवर्सिटियाँ केवल इमारतें नहीं होतीं, बल्कि किसी समाज की शिक्षा, सोच और आने वाली पीढ़ियों के सपनों की बुनियाद मानी जाती हैं। शिक्षा को किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में आवाज़ बुलंद की जा रही है।
समर्थकों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और छात्रों के भविष्य की हिफाज़त हर समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनका मानना है कि जौहर यूनिवर्सिटी हज़ारों छात्रों की उम्मीदों और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।
इस दौरान यह भी कहा गया कि, “इल्म की शमा जलती रहेगी, क्योंकि अंधेरे की उम्र हमेशा रोशनी से छोटी होती है।”

समर्थकों ने जौहर यूनिवर्सिटी को सुरक्षित रखने, शिक्षा के अधिकार की रक्षा करने और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग दोहराई। साथ ही उन्होंने आज़म ख़ान के समर्थन में भी नारे लगाए।









